Pancreatic Cancer Causes & Symptoms| पहचाने अग्नाशय कैंसर के कारण और लक्षण

Pancreatic Cancer Causes & Symptoms| पहचाने अग्नाशय कैंसर के कारण और लक्षण
Pancreatic Cancer Causes And Symptoms



Pancreatic Cancer के क्या कारण/causes और लक्षण/symptoms हैं ये जानना बहुत ही जरुरी है ताकि समय रहते इसका पता चल सके। हाल  ही के दिनों में Goa  के chief minister और पूर्व रक्षा मंत्री "श्री मनोहर पर्रिकर जी" की अग्नाशय कैंसर या Pancreatic Cancer की वजह से 63 वर्ष की उम्र में मुत्‍यु हो गई। इससे पूर्व इस बिमारी के बारे में लोगों में तब जागरूकता आयी थी जब Apple Company के मालिक Steve Jobs इस बिमारी की चपेट में आये थे।

Pancreatic cancer या अग्नाशय का  कैंसर बहुत ही आक्रामक किस्म (aggresive) के कैंसर के रूप में जाना जाता है क्यूंकि प्रारंभिक अवस्था में आमतौर पर इसके कोई ख़ास लक्षण देखने को नहीं मिलते।
जो लक्षण होते हैं वो भी बड़े ही अस्पष्ट होते हैं।

क्योंकि अधिकांश Pancreatic cancer/अग्नाशयी कैंसर के संकेत और लक्षण कम गंभीर पाचन समस्याओं/ digestive problems के समान होते हैं इसलिए शुरुवात के दिनों में इसका पता नहीं लग पाता।

जब तक इसकी पुष्टि होती है ज्यादातर मामलों में ये bloodstream /रक्तप्रवाह or lymphatic system /लसीका प्रणाली के माध्यम से आस-पास के tissues या दूर के अंगों तक फैल गया होता है।


अग्नाशय और उसकी उपयोगिता /Pancreas & Its Role In Hindi:

Pancreas /अग्न्याशय पेट के पीछे स्थित एक 6 इंच लंबा स्पंजी, ट्यूब के आकार का हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है इसके शरीर में दो प्रमुख कार्य होते हैं:

1) Digestive enzymes / पाचन रस बनाना जो कि आंतों को भोजन को पचाने में मदद करते हैं, और

2) Hormones / हार्मोन का उत्पादन करना -मुख्यतः Insulin / इंसुलिन का - जो कि शरीर में
sugar और स्टार्च के उपयोग को नियंत्रित करते हैं।

अग्नाशय कैंसर के प्रकार /Types Of Pancreatic Cancer In Hindi:

अग्नाशय का कैंसर तब होता है, जब Pancreas के ऊतकों/ tissues में घातक (कैंसर) कोशिकाएं तेज़ी से विभाजित होने लगती हैं और-पास फैलने लगती हैं।

Pancreatic Cancer दो प्रकार का होता है-

 एक वो जो कि अग्नाशय की endocrine cells या hormones का स्त्राव करने वाली cells में होता है इन्हे "Pancreatic neuroendocrine tumors or PNETs" कहते हैं।

दूसरा वो जो कि अग्नाशय की exocrine cells जो पाचक रस का स्त्राव करती हैं उनमें देखने को मिलता है और इन्हे  "Pancreatic adenocarcinomas" के नाम से भी जाना जाता है। 

Pancreatic Cancer का इलाज़ न होने पर या देर से होने पर यह जानलेवा साबित होता है और मरीज़ का बचना मुश्किल हो जाता है।

औसतन देखा गया है कि Pancreatic Cancer बीमारी के के होने के पहले वर्ष के अंत में जीवित दर 20 -25 % तक होती हैं। वहीं 5 वर्षों बाद यह दर केवल 4-5% तक रह जाती है।

भारत में अग्नाशय के कैंसर के मामले कम ही देखने को मिलते हैं परन्तु बीते कुछ वर्षों में इनमे बढ़ोतरी हुई है।

पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा अधिक मामले देखे जाते हैं।

ज्यादातर मामले बढ़ती उम्र में देखने को मिलते हैं या 45 वर्ष की उम्र के बाद ही होते हैं।


अग्नाशय कैंसर के लक्षण /Symptoms Of Pancreatic Cancer In Hindi :


जैसा कि पहले भी हमने ये बताया है कि अग्नाशय के कैंसर के कोई स्पष्ट आरंभिक लक्षण देखने को नहीं मिलते है। इसिलए इसे Silent cancer के नाम से भी जाना जाता है।

आइये इसके कुछ आम लक्षणों के बारे में जान लेते हैं :

1) पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द /Severe Abdominal Pain- 


Pancreatic Cancer Causes & Symptoms| abdominal pain
Abdominal Pain In Pancreatic Cancer 

शुरुवाती दिनों में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द की शिकायत देखने को मिलती है।धीरे-धीरे ये दर्द पीठ के निचले हिस्से तक भी पहुँच सकता है।खासतौर खाना खाने के बाद या लेटने पर यह दर्द अधिक बढ़ सकता है।

2) वजन घटना / Unexplained Weight Loss -
असामन्य रूप से लगातार वजन का कम होते जाना  पैंक्रिअटिक कैंसर के अहम् लक्षणों में से एक है।

3) भूख न लगना/ Anorexia-
अग्नाशय के कैंसर के मरीज़ों में भूख न लगने की शिकायत आम बात है। क्यूंकि भोजन का पाचन सही रूप से नहीं हो पाता इसलिए रोगी को भूख लगना कम हो जाती है।

4) जी मिचलाना या उलटी का आना/ Nausea  & Vomitting-जैसे- जैसे Pancreatic cancer पेट के अन्य अंगों में फैलने लगता है, ये उनको अवरुद्ध करने लगता है,जिससे कि भोजन सही तरह से पच नहीं पाता और आगे नहीं बढ़ पाता। फलस्वरूप मरीज़ जी मिचलाना या उलटी होने की शिकायत करता है।


5) पीलिया और उसके लक्षणों का होना /Jaundice & its Complications -अग्नाशय के कैंसर में पीलिया/ Jaundice का होना और उसके लक्षणों का दिखना सामान्य बात है।

यदि Pancreas के head या सर की तरफ की cells में tumour होता है तो यह शुरुवाती समय में ही
bile duct को दबाने लगता है और मरीज़ को jaundice की शिकयत देखने को मिलने लगती है जिसके
कारण इस कैंसर का पता जल्दी भी लग जाता है।

Pancreatic Cancer Causes & Symptoms| पहचाने अग्नाशय कैंसर के कारण और लक्षण/jaundice
Yellowing Of Eyes & Mucous Membrane


परंतु जिन मरीज़ों में यह pancreas के tail part में होता है उनमे इसका पता देर से चलता है। धीरे धीरे Pancreatic cancer liver तक भी पहुंच जाता है और jaundice की शुरुवात हो जाती है।

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Jaundice के आम लक्षण होते हैं :
  • आँखों और त्वचा का पीलापन  /Yellowish discolouration of skin & Mucous Membrane-
  • पेशाब का रंग गहरा या dark हो जाना क्यूंकि bile duct के अवरुद्ध होने से ,शरीर में अधिक मात्रा में एकत्रित बिलीरूबिन/bilirubin पेशाब में आने लग जाता है इसी कारण पेशाब गहरे रंग का दिखने लगता है।
  • हलके रंग का और चिकनाई युक्त मल का होना (Steatorrhoea)। इसमें बदबू भी आ सकती है।शौच के समय ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर सलाह अवश्य लें। 
  • त्वचा में खुजली होना /चक्क्ते होना - bilirubin के त्वचा में जमने के कारण ऐसा होता है।

6) पाचन संबंधी शिकायतें / Digestive Problems जैसे कि दस्त, कब्ज, गैस का दर्द, पेट फूलना आदि। 

7) Gallbladder or liver enlargement -जब अग्नाशय का कैंसर फैलने लगता है तब gallbladder और लिवर का असामन्य रूप से बड़ा हो जाना देखा जा सकता है।

8) खून का थक्का जमना /Blood Clot Formation-ख़ास तौर पर पैरों की large veins में खून का थक्का जमना भी इसके लक्षण में से एक है।
9) कमज़ोरी का होना /Weakness: 

10)मानसिक अवसाद या भ्रम / Mental Depression or Confusion की स्तिथि का होना।

11)Diabetes का होना -यदि कैंसर cells insulin का निर्माण करने वाली कोशिकओं को नुक्सान पंहुचा देती हैं तो रोगी को Diabetes और उसके लक्षण जैसे की ज्यादा प्यास और भूख लगना ,बार बार पेशाब का आना दिखने लगते हैं।

अग्नाशय कैंसर के कारण / Pancreatic Cancer Causes & Risk Factors In Hindi:


अगर बात की जाये Pancreatic Cancer  कारणों की तो इसका सही कारण ज्ञात नहीं है।

परन्तु कुछ Risk factors जो अग्नाश्य के कैंसर के साथ जुड़े हुए पाये जाते हैं उनके बारे में जान लेते हैं :


  1. उम्र /Age : उम्र के साथ अग्नाशय के कैंसर के विकास का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर Pancreatic Cancer  60 -65  साल की उम्र के बाद होने वाली बीमारी है। जबकि 40 वर्ष की आयु से पहले इसके मामले असामान्य और बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
  2. लिंग /Gender : Males /पुरुषों में pancreatic cancer के मामले महिलाओं से ज्यादा देखने को मिलते हैं।
  3. धूम्रपान /Smoking :इस बिमारी का मुख्य जोखिम कारक /risk  factor धूम्रपान/ Smoking  है जिसे की avoid किया जा सकता है। ऐसा देखा गया है जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमे इस बीमारी के होने का खतरा कम से कम 2 गुना अधिक पाया जाता  है। कितने वर्षों से तथा दिन में कितनी cigartte का सेवन किया गया है यह भी risk factor  बढ़ाते हैं।
  4. पारिवारिक इतिहास /FamilyHistory: जी हाँ Pancreatic cancer के 5 -10 % मामलों में family history की भूमिका देखी गयी है। जिन लोगों के परिवार में माता पिता या भाई बहनों को अग्नाशय का कैंसर रहा हो उनमे 50 वर्ष की उम्र से पहले इसके होने का खतरा  पाया जाता है। अभी तक यह पता नहीं लगा है कि इस बिमारी में शामिल अधिकांश genes कौन से हैं।
  5. अग्नाशयशोथ/ Chronic Pancreatitis :के मरीज़ों में pancreatic cancer के होने की आशंका 3 गुना तक अधिक पायी जाती है। जिस प्रकार diabetes शुरुवाती pancreatic cancer का लक्षण होता है उसी तरह  Chronic Pancreatitis भी इसका लक्षण हो सकता है।
  6. मोटापा / Obesity :जिन लोगों में BMI 35 से अधिक होता है उनमे Pancreatic cancer के  होने का खतरा बढ़ जाता है।
  7. शराब का सेवन /Alcohol Consumption : शराब के सेवन और pancreatic cancer का सीधा कोई संबंध नहीं  पाया गया  है। परन्तु जो लोग लम्बे समय तक शराब का सेवन उनमे Chronic Pancreatitis का होना आम बात होती है। Chronic Pancreatitis के रोगियों में  pancreatic cancer के होने का खतरा पाया जाता है।

अग्नाशय कैंसर के निदान /Diagnosis Of Pancreatic Cancer In Hindi:


Pancreatic cancer का परीक्षण या diagnosis तब हो पाता है जब कई हफ्तों या महीनों तक इस  बीमारी के लक्षणों जैसे की पेट में दर्द, वजन कम होना, पीलिया के लक्षण, जी मिचलाना, उल्टी होना आदि लक्षणों से परेशान होकर मरीज़ डॉक्टर के पास सलाह लेने जाता है।

एक बार जांच में cancer की पुष्टि होने पर अन्य test द्वारा इसके stage का निर्धारण किया जाता है।
  1. शारीरिक परीक्षण /  Physical Examination
  2. मेडिकल इतिहास /Medical History
  3. सी. टी स्कैन/ Computed tomography(CT) scan
  4. M.R.I
  5. Ultrasound
  6. Biopsy 
  7. Positron emission tomography (PET) scan

अग्नाशय कैंसर का उपचार /Treatment Of Pancreatic CanceIn Hindi:


Pancreatic Cancer का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का है ,किस स्थान और stage में है। मुख्यतः 3 तरीकों से इसका इलाज़ किया जाता है। 
  1. शल्यचिकत्सा / Surgery: 

    Operation ही pancreatic कैंसर का एक मात्र इलाज़ है। परन्तु कैंसर किस stage पर है ये बात बहुत ही अहम् भूमिका रखती है कि रोगी का ऑपरेशन संभव है की नहीं, साथ ही साथ मरीज़ की शारीरिक अवस्था, उम्र भी निर्णायक होती है कि surgery की जा सकती है की नहीं।

    ज्यादातर 20 % मरीज़ों में ही सर्जरी संभव हो पाती है। क्यूंकि अग्नाशय के कैंसर का पता देर से ही चल पाता है इसलिए ऑपरेशन करने पर भी मरीज़ पूर्ण रूप से ठीक नहीं हो पाता।

  2. कीमोथेरपी /Chemotherapy:
    शरीर में cancer cells को मारने तथा उनके विभाजन को रोकने के लिए कुछ दवाइयां दी जाती है और इसको ही chemotherapy कहा जाता  है।Radiotherapy व् surgery के साथ-साथ कीमोथेरेपी की मदद भी ली जाती है pancreatic cancer के मरीज़ों का इलाज़ करने में ।Chemotherapy में हम oral dose देते हैं या I.V transfusion के द्वारा सीधे नसों में दवा देते हैं।
  3. रेडियोथेरेपी / Radiotherapy:

    Cancer cells को मारने के लिए और दर्द में राहत देने के लिए जब Ionizing Radiation का प्रयोग किया जाता है उसे ही radiotherapy  के नाम से जाना जाता है। अग्नाशय के कैंसर में भी इसका प्रयोग किया जाता है। 
दोस्तों तो ये थी जानकारी Pancreatic Cancer-Causes & Symptoms  के बारे में। जरुरी नहीं कि दिए हुए सब लक्षण केवल pancreatic cancer की ही पुष्टि करते हों परन्तु बताये हुए लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना ही आपके लिए हितकर होगा।जानकारी कैसी लगी कमेंट करके बातएं और अपने दोस्तों के साथ भी share करें।

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