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Sunday, June 24, 2018

Surya Namaskar Mantra | सूर्य नमस्कार मंत्र

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सूर्य नमस्कार मंत्र 


आज हम बात करेंगे और जानेगें सूर्य नमस्कार मंत्र (surya namaskar mantra) के बारे में।


Yoga में सूर्यनमस्कार को सर्वश्रेष्ठ योगासन माना गया है। जो व्यक्ति प्रतिदिन इसका अभ्यास  करता है, देखा गया है कि ऐसे मनुष्य के समस्त शारीरिक रोग दूर होते हैं तथा उसका मन और चित्त भी प्रसन्न व शांत रहता है।

प्रातः काल सूर्योदय के समय सूर्य के सामने पूर्व दिशा की ओर मुख करके प्रतिदिन इसके अभ्यास से व्यक्ति के मुखमंडल की आभा, तेज कांति धीरे-धीरे उसी प्रकार से बढ़ती जाती है ,जिस प्रकार से संपूर्ण ब्रह्मांड को ऊर्जा देने वाले सूर्य की आभा व् कांति होती है।

हमारे शास्त्रों में भी कई प्रकार के मंत्र (surya namaskar mantra) मिलते हैं जो,कि हमें सूर्य नमस्कार के लाभ के बारे में अवगत कराते हैं।


     " आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
       आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां जायते ॥"


अर्थात


जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है।

सूर्य नमस्कार में 12 आसनों को क्रमबद्ध रूप से किया जाता है ।यदि  इन आसनों के साथ व्यक्ति सूर्य नमस्कार के मंत्रों (surya namaskar mantra) का भी उच्चारण करता है,तो यह सूर्य के प्रति हमारी कृतज्ञता के भाव का सूचक होता है। 


यदि व्यक्ति सूर्य नमस्कार करते समय इन मन्त्रों का उच्चारण करता है तो, इससे व्यक्ति को और भी अधिक लाभ मिलता है सूर्य नमस्कार करने का।

इन मंत्रों से मनुष्य के  मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दिन प्रतिदिन मन और अधिक शांत व् प्रसन्नचित होता जाता है

आप  इन मंत्रों को चाहे मन में स्मरण करके या फिर बोलकर उच्चारण कर सकतें है। बस आवयश्कता है सूर्य और सम्पूर्ण सृस्टि के प्रति पूर्ण कृतज्ञता भाव की।

 ध्येयः सदा सवित्र मण्डल मध्यवर्ती
नारायण सरसिजा सनसन्नि विष्टः
केयूरवान मकरकुण्डलवान किरीटी 
हारी हिरण्मय वपुर धृतशंख चक्रः


1. प्रणामासन                     मित्राय नमः।   
                          
2. हस्तोत्थानासन               रवये नमः।  
                             
3. हस्तपादासन                   सूर्याय नमः।  
                            
4. अश्वसंचालनासन            भानवे नमः।   
                           
5. दण्डासन                      खगाय नमः।  
                            
6.अष्टांगनमस्कारासन        पुषणे नमः।   
                              
7.भुजंगासन                   हिरण्यगर्भाय नमः।                        
8. पर्वत आसन                मरीचये नमः।                                
9.अश्वसंचालनासन            आदित्याय नमः।                          
10.अश्वसंचालनासन          सवित्रे नमः।
                              
11.हस्तोत्थानासन              अर्काय नमः।  
                           
12.प्रणामासन                   भास्कराय नमः।  
                     
             श्रीसवित्रसूर्यनारायणाय नमः।


 आदित्यस्य नमस्कारन् ये कुर्वन्ति दिने दिने
आयुः प्रज्ञा बलम् वीर्यम् तेजस्तेशान्  जायते 


तो हमने देखा कि किस प्रकार से हर आसान के लिए एक सूर्य  नमस्कार मंत्र (surya namaskar mantra) है।

 आप भी इन मंत्रों के
 साथ प्रतिदिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें और फिर अपने अंदर होने वाले सकारात्मक बदलाव को महसूस करें और स्वस्थ व् प्रसन्न रहें।       










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