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Thursday, June 28, 2018

जानें क्यों करना चाहिए भुजंगासन ? | Benefits Of Cobra Pose

                        

Bhujungasna /Cobra Pose
Bhujungasna/Cobra Pose
"जानें क्यों करना चाहिए भुजंगासन / BenefitsOf Cobra Pose"
भुजंगासन एक बहुत ही आसान किन्तु अत्यन्त लाभकारी आसन है। यह आसन सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से भी एक है। इस आसन को करते समय व्यक्ति की आकृति या  pose ऐसा लगता है जैसे कि,"फन उठाऐ हुऐ साँप" की स्थिती हो इसलिए इसे भुजंगासन (भुजंग = साँप) और अँग्रजी में Cobra Pose के नाम से भी जाना जाता है।


भुजंगासन करने का सही तरीका /How To do cobra pose:

सबसे पहले जान लेतें हैं भुजंग आसन को करने का सही तरीका।

1) सबसे पहले खुले हवादार स्थान पर yoga mat या चादर बिछाकर पेट के बल सीधे लेट जाऐं। दोनों पैर व ऐडियां आपस में जोड़कर रखें। ठुडडी जमीन पर रखें।

2) अब दोनों हाथों को कंधों के बगल में रखे। 
हथेलियाँ जमीन पर खुली रहेंगीं। कोहनियाँ की 
दिशा आसमान की ओर रहेगी तथा ये शरीर 
के पास में होनी चाहियें।

3) अब गहरी सांस लेते हुए और दोनों हाथों पर 
बराबर का वजन डालते हुए धीरे- धीरे सिर,फिर गर्दन,छाती,और पेट को ऊपर की ओर उठायें।
नाभि को जमीन पर ही रखना है।


4) सांस लेते हुए आराम से कमर को और अधिक 
    पीछे मोड़ने का प्रयास करें परन्तु अपनी 
    शारीरिक क्षमता के अनुरूप ही।

5 )सिर ऊपर रहेगा और पीछे की और देखें।

6) इस स्तिथि में भी दोनों पैर जुड़ें रहेंगें।

7) अपने सामर्थ्य के अनुसार शुरुवाती दिनों में
    5 -10 second इस pose में रहें। जब अभ्यास 
    बढ़ जाये और कमर में लचीलापन आ जाये 
    तो 15-20 second तक भी रह सकतें हैं इस 
    pose में।

8) अब साँस को छोड़ते हुए धीरे -धीरे पहले पेट,
    फिर छाती और अंत में सिर को वापस ज़मीन 
    पर ले आएं।

9) यह पूरी प्रक्रिया मुस्कराते हुए ,आनद लेते हुए
    और अपनी साँसों के प्रति सजग रहते हुए 
     करनी है।

10) इस अभ्यास को पहले 2 -3 बार ही करें और 
       बाद में 5 -7 बार कर सकतें हैं।


भुजंगासन के दौरान रखें ये सावधानियाँ/Precautions during Cobra Pose :


1) किसी भी अन्य आसन की तरह Cobra Pose 
     को warm-up करने के बाद करें। 

2) खाली पेट ही करें या  खाने के २-3 घंटे बाद
     ही करें। 

3) कमर तक के भाग को उठाते समय और नीचे 
    लाते समय झटके से ना करें बल्कि आहिस्ता- 
    आहिस्ता ऐसा करें नहीं तो कमर में दर्द की 
    शिकयत हो सकती है। 

4) कन्धों में तनाव नहीं रखें तथा दोनों हाथों पर 
    एक सा भार डालें। 

5) बराबर सांस लेते और छोड़ते रहें। 

6) आसन का पूरा आनंद लें और मुस्कराहट को 
     बनाये रखें। 

भुजंगासन के लाभ /Benefits of Cobra Pose:

भले ही भुजंगासन एक बहुत ही सरल आसन है 
परन्तु ये सिर से लेकर पैर तक सभी अंगों को 
लाभ पहूँचाता है।  

चलिए अब जान लेते हैं की भुजंगासन के क्या 
क्या लाभ हैं और इसे हमें क्यों करना चाहिए। 

1)रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनता है - 

भुजंगासन मेरुदंड या रीढ़ की हड्डी को मजबूत
लचीला बनाने में बहुत ही सहायक होता है।

यह आसन साइटिका के दर्द (Sciatic Pain) के 
लिए बहुत ही फायदेमंद है। 

यह पीठ और कन्धों की मांसपेशियों को भी मजबूत 
बनाता है।

2)पेट सम्बंधित लाभ :

भुजंगासन हमारे पेट के स्नायु तंत्र के लिए भी बहुत 
लाभकारी होता है। 

यह पेट के सभी अगों को सक्रिय रखने का काम 
करता है।और इस प्रकार पाचन तंत्र को सही रखने में 
मददगार सिद्ध होता है।

3)Weight Loss & Belly Fat कम करने में भी 
    मदद करता है भुजंगासन :


Weight loss के लिए बहुत ही मददगार है ये आसन। Flat Belly के लिए भुजंगासन बहुत ही अच्छा yoga pose माना जाता है।

यह हमारे पेट की अतिरिक्त चर्बी को घटाने में और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने बहुत ही ज़्यादा सहायक है।

4)फेफड़ों और सांस की  बिमारियों में इसके लाभ :

फेफड़ों/ Lungs से सम्बंधित बिमारियों या कमजोरी में भी भुजंग आसन बहुत लाभ देता है। खासकर की अस्थमा /Asthma रोगियों के लिए ये विशेष लाभकारी है। (परन्तु जिस समय अस्थमा का दौरा पड़ा हो उस समय इसका अभ्यास न करें)

5 )Thyroid और गले के लिए  इसके लाभ :

Thyroid सम्बंधित बिमारियों में  अत्यंत लाभकारी आसन है। यह गले  में खिचाव उत्पन्न करके Thyroid को सक्रिय बनाता है। 

यह आसन गला ख़राब रहने या पुरानी  खॉंसी में भी लाभ पहुँचाता है।

6)लिवर और किडनी के लिए भी अच्छा है 
    भुजंगासन :

liver और kidney को स्वस्थ रखने  में भी अत्यंत लाभकारी  है ये आसन।इन अंगों में रक्त संचार को बढ़ाकर इन्हे स्वस्थ बनाता है।

7 )स्त्रियों के लिए विशेष लाभकारी है ये :

स्त्रियों में भुजंगासन गर्भाशय में रक्त संचार (blood circulation ) को बढ़ाता है। और प्रजनन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

Fertility बढ़ाने में मदद करता है।

यह नितम्ब की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

8) तनाव कम करने में मदद करता है:

भुजंगासन हमें तनाव- मुक्त करने में भी सहायता करता है।यह पूरे शरीर  में स्फूर्ति का संचार करता है।

योग ग्रंथो में ऐसा उल्लेख मिलता है की भुजंगासन शरीर में गर्मी बढ़ा कर रोगों से लड़ने में भी मदद करता है। 

साथ ही साथ कुण्डलिनी भी जगाता है।


Contraindications For Cobra  Pose :

1. गर्भवती महिलाएं इसे न करें। मासिक धर्म के 
    दौरान भी इसे नहीं करना चाहिए। 

2. जिनका पेट का operation कुछ ही दिन पहले   
    हुआ हो वो भी इस आसन को न करें। और फिर 
    से शुरू करने के पहले doctor की सलाह ज़रूर 
     लें। 

3.यदि कलाई या पसलियों में फ्रैक्चर हो तो इस
   आसन को न करें। पूरी तरह से ठीक हो जाने 
   के बाद ही फिर से करना शुरु करें। 

4 Carpel-Tunnel Syndrome में भी इस आसन को न करें। 

5.यदि रीड की हड्डी का ऑपरेशन हुआ हो या अन्य 
   कोई गंभीर बीमारी हो ऐसी में यह आसन ना करें।

तो देखा भुजंगासन एक बहुत ही सरल किन्तु प्रभावशाली योगासन है। जो हमारे सम्पूर्ण शरीर को स्वस्थ रखता है। हमारे शरीर और spine को अधिक लचीला बनाता है। 

Lungs,Stomach,Liver,Kidney आदि को स्वस्थ तो रखता ही है,साथ ही हमें तनाव मुक्त भी करता है। 

जो लोग Weight loss और belly fat को कम करना चाहते हैं उनके लिए तो किसी वरदान से कम नहीं है भुजंगासन। इसके लाभों को जानने  के बाद,आप सभी जान ही गए होंगे की क्यों करना चाहिए bhujungasna /cobra pose !!

जानकारी अच्छी लगी तो like  & share अवश्य करें।



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