Fatty Liver : Know All About Causes, Symptoms, Prevention,Treatment



Fatty liver आज के समय में  developed countries में पायी जाने वाली सबसे आम chronic liver disease में से एक है। 

यह बीमारी liver से संबंधित विकृति और मृत्यु दर (death rate ) को बढ़ाती है।


जैसा की आप जानते होंगें, Liver हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है

यह हमारे शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि (Largest Gland) होती है। 

और अंगों में  दूसरा सबसे बड़ा अंग (Second  Largest  Organ) होता है।


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Liver हमारे शरीर में बाईल (bile) के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो कि भोजन में उपस्तिथ वसा (fat) के पाचन व अवशोषण 
(absorption) में सहायता करता है।

इसके साथ ही साथ liver  हमारे शरीर में उपस्थित metabolites के (detoxification) में तथा कई तरह के प्रोटीन (Protein ) के निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है।

आजकल की व्यस्त जीवन शैली तथा भोजन के प्रति लापरवाही व जंक फूड ( junk  food ) के अधिक सेवन के कारण फैटी लिवर(FATTY LIVER) नामक समस्या बहुत ही आम बात हो गई है। 

Fatty Liver किसे कहते हैं इसके क्या लक्षण होते हैं तथा कैसे बचाव करें आज हम इन्हीं बातों को जानेंगे।



FATTY LIVER : (फैटी  लिवर के कारण,लक्षण,उपचार)

Liver में कुछ मात्रा में फैट (fat) उपस्तिथ रहता है,परन्तु किसी भी कारण यदि इसकी मात्रा सामान्य 
से अधिक हो जाती है, तो liver के अंदर व चारों तरफ  इक्कठा होने लगता है तो ऐसी स्तिथि को ही FATTY LIVER ( STEATOSIS) कहते हैं।

जब हमारे liver के सामान्य वजन (normal 
weight) का 
5-10% वजन वसा (fat) का हो जाता है तो यह fatty liver 
की श्रेणी में आ जाता है। 

Fatty Liver को 3 grades  बाँटा जा जाता है :

Grade 1
Grade 2
Grade 3          

Fatty Liver दो प्रकार का हो सकता है:


1) पहली स्तिथि Reversible Type
2) दूसरी स्तिथि Irreversible Type

ज्यादा तर यह Reversible प्रकार का होता है जिसे हम अपनी  जीवन- शैली को बदल कर पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकतें हैं। 

परन्तु यदि  इसके लक्षणों को पहचान कर इसका समय रहते इलाज़ व् रोकथाम न की जाये तो हमारे liver को क्षति पहुंच सकती है और यह स्थायी क्षति (permanent damage to liver) भी हो सकती 
है जिसका इलाज़ भी बहुत मुश्किल या असंभव हो सकता है ।


CAUSES OF FATTY LIVER / STEATOSIS :

Fatty Liver के कई कारण हो सकते है पर मुख्यतः इन्हे दो भागों में बात जा सकता है-


1.ALCOHOLIC Fatty Liver-शराब के सेवन से 
    होने वाला फैटी लिवर 

2. NON- ALCOHOLIC Fatty 
Liver 
     Disease  (NAFLD

    Nonalcoholic steatohepatitis 
    (NASH) -


ज्यादातर शराब (alcohol) के सेवन या अधिक सेवन के कारण Fatty Liver की समस्या उत्पन्न होती है।

परन्तु ऐसा नहीं है की शराब न पीने वालों में फैटी लिवर नहीं हो सकता है । 

शराब न पीने की स्तिथि में अन्य कारणों से होने वाला फैटी लिवर NAFLD के अंतर्गत आते हैं।   

Obesity और Metabolic Syndrome इसके मुख्य risk factors होते हैं।



अन्य कारण जिनके कारन इसकी समस्या देखने को मिलती है वो इस प्रकार हैं -



  • मधुमेह (diabetes )-50 % Type II diabetic patients में fatty liver देखने को  मिलता है।
  • मोटापा (obesity) (60 -90 % obese patients में fatty liver देखने को  मिलता है
  • Hyperlipidemia व cholesterol का बढ़ा होना
  •  Late pregnancy जायदा उम्र में माँ बनाने के कारण 
  • Starvation -कुपोषण या अधिक समय तक बिना भोजन के रहना
  • Chronic Diseases किसी लम्बी बिमारी के कारण  (जैसे T.B)
  • Parenteral Nutrition
  • Genetic Reasons अनुवांशिक कारण
  • Drugs/Medicines कई प्रकार की दवाइयों के लेने के कारण जैसे की (steroid, estrogen, tetracyclines)
  • Liver toxins कई प्रकार के  liver toxins (ether, chloroform, carbon tetrachloride etc)
  • Rapid weight reduction तेज़ी से वजन काम करने के कारन
  • Reyes syndrome (due to aspirin) etc....


SIGNS AND SYMPTOMS OF FATTY LIVER:


शुरुवाती  दिनों में फैटी  लिवर के कोई ख़ास लक्षण सामने नहीं आते हैं जिसके कारण इसका पता लगने में मरीज़ को कई वर्षों का भी समय भी लग जाता  है। 

जब समय के साथ liver में सूजन आदि बढ़ती जाती है तब जाकर, इसके कुछ लक्षण सामने आने शुरू होते हैं।


कुछ लक्षण जो हमें fatty liver के बढ़ने के बाद दिखतें है उनमे से कुछ इस प्रकार हैं :


  • वजन घटना (weight Loss)
  • भूख ना लगना 
  • थकान लगना
  • पेट के उपरी हिस्से या बीच में अक्सर दर्द  का होना
  • शारीरिक कमजोरी 
  • जी मिचलाना
  • भ्रम होना(confusion )
यदि इसका इलाज़ न किया जाये तब ऐसे बिगड़े हुए cases में Jaundice (पीलिया ),पेट की सूजन , खून का बहना,Liver Cirrhosis ,आदि लक्षण दिख सकते हैं।


फैटी लिवर का परिक्षण कैसे किया जा सकता है -Diagnosis of fatty liver in hindi:

आम तौर पर  शुरुवाती समय में fatty liver के लक्षण सामने न आने कारण  इसका परिक्षण, किसी  अन्य बिमारी के लिए होने  वाली जांचो के दौरान सामने आता है।

निम्नलिखित जांचें fatty  liver के diagnosis में मदद करती हैं :


1.खून की जांच (Blood Test):


यदि  जांच में liver enzymes की मात्रा बढ़ी हुई मिलती है तो यह fatty  liver के कारण भी हो सकता है।

इसको  clinically co-relate करके तथा अन्य जांचों द्वारा confirm किया जा सकता है।


2. अल्ट्रासाउंड  (Ultrasonography ) :

कई बार पेट की व्  अन्य बिमारियों की वजह से  Ultrasound जांच में fatty liver की पुष्टि होती है।

3. C.T Scan और M.R.I  जाँच द्वारा   :

इन जांचो से भी फैटी लिवर की diagnosis होती है। और ये किस grade में है ये भी पूरी तरह से पता चल जाता है ।

4. डॉक्टर द्वारा शारीरिक परिक्षण के द्वारा :

Fatty Liver की समस्या के बढ़ जाने पर जब इसके कुछ लक्षण जैसे पेट की  सूजन आदि दिखने पर डॉक्टर द्वारा liver tenderness की जांच से भी इसका पता चल सकता है।

5.Liver Biopsy से Fatty Liver का Confirmation :

ये कहा जा सकता है की फैटी लिवर की diagnosis का सबसे सही या Gold Standard
 Test,Biopsy ही होता है। 

इसमें डॉक्टर सूई से liver cells का  sample
 लेकर येी पता लगा सकतें  लिवर को कितनी क्षति पहुंच  चुकी है और कितनी मात्रा में fibrosis,
Inflammation या फिर liver की anatomy को कितनी हानि हुई है इसका पता भी सही तरीके से चल जाता है।




फैटी लिवर का इलाज़ Treatment of Fatty Liver in Hindi:


Fatty liver के इलाज की कोई  specific (ख़ास)  दवा तो नहीं है  न कोई विशेष रूप से इसकी कोई  सर्जरी है । 

बल्कि जीवन शैली में परिवर्तन लाकर इसको बढ़ने से व् इससे होने वाले नुक्सान से बच सकतें हैं।

अपने Lifestyle में बदलाव लाना और ऐसे कारण जो की fatty liver के लिए risk factors  हों उनको अपने से दूर करके ही हम इससे अपना बचाव कर सकते हैं।

शल्य चिकित्सा या दवाइयों का प्रयोग भी  किया जाता है ,परंतु यह केवल एक adjuvant या साहायक थेरेपी के रूप में ही काम करते हैं।  सबसे ज्यादा जरुरी होता  है अपने रहन -सहन और खाने पीने की आदतों को बदलना  ऐसा करके ही हम इस समस्या से निपट सकते हैं।

इसके साथ ही समझना जरुरी ही कि Fatty liver किस कारन से हुआ है ,उसी के अनुसार हमें अपने lifestyle
में परिवर्तन करना पड़ेगा ,जैसे की शराब के सेवन , diabetes , drugs, starvation , या व्यायाम न करने, अधिक junk food का सेवन आदि में से कौन सा कारण हमे प्रभावित कर रहा है पहले इसे जानना पड़ेगा।

1.  यदि आपको शराब के सेवन के कारन ALD तो से पहले आपको शराब पीने की आदत को छोड़ना पड़ेगा।


क्यूंकि ऐसा करने की स्तिथि में आपके लिवर को होने वाली क्षति बढ़ती जाएगी और फैटी लिवर की condition अधिक ख़राब हो जाएगी,जिससे Liver Cirrhosis ,या Hepatitis  होने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी।

2.  यदि आपको NALD है ,तो यह देखना होगा की ये किस बीमारी के कारन हुआ है ,यदि इसका कारन Obesity है जो की बहुत ही आम कारन है Fatty liver का ,तो आपको अपने वजन पर नियंत्रण करने का काम सबसे पहले करना होगा। 

अपने खान- पान पर ध्यान देकर ,योग आदि की सहयता से धीरे धीरे वजन को कम करना बहुत ही अच्छा और safe तरीका है fatty liver को बढ़ने से रोकने का।

3.  फ़ास्ट फ़ूड (Junk food) , वसायुक्त भोजन (oily-fatty food), refined food, अधिक मसाले वाले भोजन (spicy food), ज्यादा चीनी,आलू ,
चावल का प्रयोग  से परहेज़ करना,बहुत जरुरी है liver को स्वस्थ रखने  के लिए।

4.यदि diabetes से ग्रसित है तो यह ज़रूरी है कि आप अपने sugar level को नियंत्रित रखें। क्यूंकि sugar level अगर control में नहीं रहती है तो यह शरीर के सभी अंगों पर बुरा प्रभाव डालती है,ख़ास तौर पर liver और kidney पर। 

और मैंने आपको पहले भी बताया है की diabetic patients में Fatty liver के होने का खतरा सामन्य व्यक्ति से 50 % से अधिक होता है।

5. नियमित रूप से Yogaहलके व्यायाम,
    aerobic exercises जैसे jogging
    (दौड़ना),cycling(साइकिल चलाना),
     swimming (तैरना)आदि बहुत ही कारगर      
     उपाय हैं liver को स्वस्थ रखने में। 

इन्हें करने से हमारे शरीर में एकत्रित चर्बी (fat) को घटाने में मदद मिलती है ,जिससे धीरे-धीरे liver की सूजन में भी कमी आती है।

6.भोजन में अधिक से अधिक सब्जियों,फलों का 
    प्रयोग करें।

   थोड़ा-थोड़ा भोजन कई बार में लें। हल्का सुपाच्य 
   भोजन ही लें। 

   ज्यादा तला -भुना (oily) भोजन न लें या बहुत ही 
   कम मात्रा में इसका सेवन करें।

7. Homeopathic और ayurveda में बहुत सी 
    अच्छी दवाइयां मौजूद है इसके इलाज के लिए,
     जिन्हे आप योग्य डॉक्टर के परामर्ष पर ले सकते 
     हैं।


Fatty Liver से बचाव  के तरीके :

अगर हम कुछ बातों का ध्यान रखें तो Fatty liver 
की समस्या से बचे रह सकते हैं,तो आइये देख्रते हैं कौन कौन से सावधानियां हमें इससे बचा सकती हैं :

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Food items good for liver health

  • अपने वजन को नियंत्रित रखें।
  • नियमित रूप से योग ,व्यायाम करें।
  • Junk Food ,refined food ,oily food  से परहेज़ करें या कम से कम  इनका सेवन करें।
  •  Green Tea का सेवन करें।
  • शराब का सेवन  न करें।
  • धूम्रपान की आदत से भी दूर रहे।
  • सुबह निम्बू पानी पीने से दिन की शुरुवात करें।,
  •  भोजन में सब्जियों और फलों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। 
  • बिना डॉक्टर की सलाह के अपने मन से दवाइयों का सेवन ना करें। 
तो आज हमने जाना- Fatty Liver : Know All About Fatty Liver - Causes,Symptoms,
Prevention,Treatment के बारे में।

इसे पढ़ने के बाद आप समझ ही गए होंगें की Fatty Liver Causes और Fatty Liver Symptoms के बारे में सही समय पर जानकर अपने lifestyle में जरूरी बदलाव करके ही, हम इससे होने वाले नुक्सान से बच सकतें हैं ,और Fatty Liver Treatment के द्वारा liver को और ज़्यादा नुक्सान से बचाकर healthy रह सकतें है।


अगर  Fatty Liver :Causes,Symptoms,
Prevention,Treatment से सम्बंधित जानकारी अच्छी लगी तो तो कृपया इससे शेयर करें.....






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1 Comments:

Comments
12 July 2018 at 05:23 delete

Your digestive system consists of a lot of organs, such as liver, pancreas, colon, stomach and esophagus, just to name a few. Irritable Bowel Disease (IBD)

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