Salabhasana-Steps,Benefits And Precautions | Yoga For Back Pain

शलभ आसन करने का तरीका, लाभ व सावधानियाँ-
आज हम जानेंगे बहुत ही सरल किंतु अत्यंत प्रभावी Yoga for Back Pain-Salabhasana के बारे में ।


जी हाँ,दोस्तों आज के समय में अमूमन हर दूसरा व्यक्ति ही Back Pain की समस्या से परेशान है ।

Salabhasana-Steps,Benefits And Precautions | Yoga For Back Pain
Yoga For Back Pain -Salabhasna


चाहे वह ऑफिस में कार्यरत पुरुष या महिला  हो या फिर घर में काम करने वाली गृहणी। Yoga में बहुत से ऐसे आसन है जो Back Pain या पीठ के दर्द से आराम दिलाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।

आज के लेख में हम जानेगें शलभासन / Salabhasana /Locust  Pose- steps, benefits, and precautions के बारे में जो कि, Yoga for Back Pain की श्रेणी में आता है और बहुत ही प्रभावी योग आसनों में से एक है।

शलभ आसन किसे कहते हैं / What is Salabhasana In Hindi:



शलभ आसन करते समय हमारे शरीर की स्थिति Locust  (कीट) की तरह दिखती है इसलिए इस आसनको शलभ आसन का नाम दिया गया है।

यह आसन को खडे़ होकर खुली आँखों से किया जाता है

शलभासन कमर, रीढ़ की हड्डी और पीठ को मजबूत बनाता है तथा यह Back Pain  को कम करने के लिए बहुत ही सरल सा आसन है जिसके नियमित अभ्यास से कमर और पीठ का स्नायु तंत्र मजबूत होता जाता है ।

शलभ आसन करने का तरीका /Steps Of Salabhasana In Hindi:

Salabhasana-Steps,Benefits And Precautions | Yoga For Back Pain
How to do Shalabhasana-Steps 

  • सबसे पहले साफ़ और समतल स्थान पर चद्दर या yoga mat बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
  • दोनों पैर एक साथ जुड़े हुए रखे। दोनों तलवे एक साथ रखें और ऊपर की ओर रखें।
  • दोंनों हाथों को अपनी जाघों के नीचे आदिमुद्रा में रख लें।
  • ठोढी़ को ज़मीन पर सटाकर रखें।
  • अब साँस लेते हुऐ धीरै-धीरे दोंनों पैरों को एक साथ ऊपर ऊठाऐं।
  • धयान रखें कि घुटने एकदम सीधे रहें,पैरों को मोडे़ नहीं।
  • आप आसानी से पैरों को जितना भी ऊपर उठा सकतें हैं (या कम से कम ज़मीन से 6-7 inch ऊपर ) उतना उठा कर उस स्थिती में 5-7 गहरी साँस लेते हुए बन रहें ।
  • अब साँस छोड़ते हुए दोंनों पैरों को नीचे ले आएं और  आरंभिक अवस्था में आ जायें।
  • हाथों को बगल में रखकर आराम करें और पुनः पूरी प्रक्रिया को 4-5 बार दोहरायें।


शलभासन करते समय रखें ये सावधानियां / PRECAUTIONS DURING  SALABHASANA IN HINDI:


शलभासन करते समय कुछ सावधानियाँ रखनी जरूरी हैं जो कि इस प्रकार हैं:

  • पैरों को धीरे -धीरे ऊपर उठाएं ।कमर या कूल्हों पर झटका न लगने दें।
  • अपनी क्षमता के अनुसार ही आसन को करें।आसन का समय धीरे धीरे बढा़ंऐ।
  • यदि आपकी रीढ़ की हड्डी में बहुत अधिक दर्द की शिकायत रहती है तो अपने doctor से सलाह लेने के बाद ही शलभ आसन का अभ्यास करें।
  • ह्रदय रोग और बी.पी के मरीज इस आसन को न करें।
  • Peptic ulcer, Hernia और आँत की बीमारी से ग्रसित लोग भी शलभ आसन का अभ्यास न करें।
  • यदि किसी का पेट का operation कुछ समय पहले ही हुआ हो तो भी इस आसन को न करें।
  • गर्भवती महिलाओं को भी शलभ आसन नहीं करना चाहिए।

शलभासन का रूपांतरण/ MODIFICATION OF SHALABHASANA IN HINDI:


यदि आपको Shalabhasana करने में शुरू के दिनों में दिक्कत आ रही है तो आप अर्ध शलभासन से भी शुरुआत कर सकते हैं जो कि शलभ आसन का ही एक रूपांतरण है।

अर्ध मतलब -आधा अर्थात अर्ध शलभासन में हम दोनों पैरों को एक साथ ऊपर ना उठा कर एक पैर को बिना मोड़े जमीन से ऊपर उठाते हैं और हमारा दूसरा पैर जमीन पर ही रहता है।

इस स्थिति में भी आपको 3 से 5 सेकंड तक बने रहना है उसके बाद दूसरे पैर को जमीन से ऊपर उठाएं,यही कहलाता है अर्ध शलभासन

शलभासन के लाभ या फायदे / BENEFITS OF SHALABHASANA IN HINDI:


Yoga के सभी आसन हमारे संपूर्ण शरीर और मन को स्वस्थ रखने में अपनी भूमिका निभाते हैं।  परंतु हर आसन के कुछ खास लाभ होते हैं। तो चलिए शलभ आसन के लाभों के बारे में जान लेते हैं :

1.कमर दर्द को दूर करने में :शलभासन कमर और रीढ़ के निचले भाग को मजबूत बनाने और दर्द को दूर करने में बहुत ही कारगर सिद्ध होता है।

इस आसन के नियमित अभ्यास से पुराना कमर का दर्द भी ठीक हो सकता है।

2. साइटिका में लाभकारी : साइटिका/ Sciatica के मरीजों में भी यह दर्द को कम करने में मदद करता है।

3.पाचन तंत्र में सुधार : इस आसन से पेट के अंगों की मसाज हो जाती है जिससे कि पाचन तंत्र में सुधार देखने को मिलता है।

4. पेट की गैस से आराम :पेट की गैस पेट की गैस की शिकायत को दूर करने में भी यह आसन काफी उपयोगी है।

5. कब्ज़ से निजात :जिन लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है उनके लिए भी ये एक बहुत ही अच्छा आसन है।

6. वजन नियंत्रण में मददगार :नियमित अभ्यास से पेट और कमर पर जमा अतिरिक्त चर्बी घटने लगती है  जिससे कि वजन नियंत्रण में मदद मिलती है ।



7. लचीलापन लाता है :शलभ आसन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है और आपको  चुस्त -दुरुस्त रखता है।

8. तंत्रीका तंत्र को सक्रिय रखता है :यह आसान मेरुदंड/ रीढ़ की हड्डी को मजबूत रखता है और हमारे तंत्रिका तंत्र की सक्रियता को बढ़ाने में मदद करता है।

9.श्वांस रोगियों के लिए लाभकारी : यह आसन हमारे lungs को expand करता है और सांस सम्बंधित  बिमारियों को दूर करने में मदद करता है। साथ ही साथ Shalabhasana छाती और कन्धों को मजबूत और
चौड़ा भी बनाता है।

10. रक्त संचार में सुधार : Shalabhasana हमारे शरीर में रक्त संचार / blood circulation को सुचारू रखता है।

यह भी पढें:
जानें क्यों करना चाहिए भुजंगासन ?| Benefits Of Cobra Pose

11. Diabetes रोगियों के लिए उपयोगी: यह  Diabetes के मरीज़ों के लिए बहुत ही अच्छा आसन है क्यूंकि यह हमारे Pancreas / पित्ताशय को सक्रिय करके insulin के स्त्राव में मदद करता है।

12. महिलाओं के स्वास्थय के लिए लाभकारी:
महिलाओं के लिए Shalabhasana  बहुत ही उपयोगी आसनों में से एक है। यह गर्भाशय सम्बंधित बिमारियों और सूजन को कम करने में लाभकारी आसन है।

13. मणिपुर चक्र को स्वस्थ रखता है :मणिपुर चक्र के लिए भी बहुत ही अच्छा आसन है।

तो देखा आपने इतना सरल आसन है शलभासन  या Shalabhasana / Locust Pose परन्तु बहुत ही लाभकारी है सम्पूर्ण शरीर के लिए और ख़ास तौर पर Yoga for Back Pain के रूप में यह आसन अपना विशेष महत्व रखता है। तो आशा करते हैं "Salabhasana /Locust  Pose- steps, benefits, and precautions" सम्बंधित जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और इसके अभ्यास से आप सभी लाभ भी उठांएगें।

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